कैब कंपनियां कन्फर्म बुकिंग के लिए नहीं मांग सकेंगी एक्स्ट्रा पैसा: सरकार ने एडवांस टिप पर लगाई रोक

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नई दिल्ली: ऑनलाइन कैब बुक करने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। कैब एग्रीगेटर्स को अब ऐसे प्री-राइड टिप या अतिरिक्त भुगतान वाले विकल्पों से बचना होगा, जिनसे यात्रियों को यह संदेश मिले कि अतिरिक्त पैसा देने पर उनकी राइड जल्दी कन्फर्म हो सकती है। सरकार का यह कदम यात्रियों को अनावश्यक भुगतान के दबाव और भ्रामक विकल्पों से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

यह मामला खास तौर पर उन कैब ऐप्स से जुड़ा है, जिन पर बुकिंग के समय यात्रियों को “Advance Tip”, “Choose an Add-on” या जल्दी राइड कन्फर्म होने जैसे संदेश दिखाई दे सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टिप को इस तरह पेश नहीं किया जाना चाहिए जिससे यात्री को लगे कि अतिरिक्त भुगतान करने से ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या है सरकार का नया निर्देश?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 में किए गए प्रावधानों के आधार पर कैब एग्रीगेटर्स के ऐप्स में टिपिंग व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं। Clause 14.15 के अनुसार, यात्री को ड्राइवर को स्वैच्छिक टिप देने की सुविधा दी जा सकती है, लेकिन यह सुविधा यात्रा पूरी होने के बाद ही उपलब्ध होनी चाहिए।

इसका मतलब है कि कैब बुक करते समय या यात्रा शुरू होने से पहले यात्री को टिप देने के लिए प्रेरित नहीं किया जाना चाहिए। यात्रा के दौरान भी ऐसा विकल्प उपलब्ध नहीं होना चाहिए। सरकार का उद्देश्य टिप को पूरी तरह स्वैच्छिक रखना है, ताकि यात्री अपनी सेवा के अनुभव के आधार पर यात्रा समाप्त होने के बाद ड्राइवर को टिप दे सके।

एडवांस टिप और एक्स्ट्रा पेमेंट क्यों बना मुद्दा?

कैब बुकिंग के समय अगर ऐप यह संकेत देता है कि अतिरिक्त पैसा देने से राइड जल्दी मिल सकती है, तो इससे ग्राहक पर अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त भुगतान का दबाव बन सकता है। यात्री को लग सकता है कि सामान्य किराया देने पर उसकी बुकिंग स्वीकार होने की संभावना कम है और अतिरिक्त भुगतान करने से ड्राइवर जल्दी राइड स्वीकार करेगा।

सरकार ने इसी तरह की संभावित भ्रामक या हेरफेर वाली व्यवस्था को रोकने पर जोर दिया है। नियमों में यह भी कहा गया है कि ऐप में ऐसी tipping सुविधा या mechanism नहीं होना चाहिए जो misleading या manipulative हो या Consumer Protection Act, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन करता हो।

अब कब दी जा सकेगी टिप?

नए प्रावधान के अनुसार यात्री यात्रा पूरी होने के बाद ड्राइवर को स्वैच्छिक टिप दे सकता है। यानी टिप का फैसला यात्रा के अनुभव के बाद होगा, न कि राइड बुक करने से पहले।

यह बदलाव यात्रियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब टिप को राइड कन्फर्मेशन से जोड़कर नहीं दिखाया जाना चाहिए। यात्री सामान्य बुकिंग प्रक्रिया में उपलब्ध किराया देखकर राइड बुक करेगा और यात्रा पूरी होने के बाद, यदि वह चाहे, तो ड्राइवर को टिप दे सकेगा।

एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि टिप की पूरी राशि ड्राइवर को दी जानी चाहिए और एग्रीगेटर को उसमें से कोई कटौती नहीं करनी चाहिए।

Ola, Uber और Rapido पर क्या असर होगा?

इस निर्देश का असर उन सभी ride-hailing और motor vehicle aggregator platforms पर पड़ सकता है जो संबंधित नियमों के दायरे में आते हैं। Ola, Uber और Rapido जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से पहले दिखाई देने वाले ऐसे विकल्पों की समीक्षा करनी होगी, जो यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान के जरिए बेहतर या तेज राइड मिलने का संकेत दे सकते हैं।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कैब ऐप्स पर हर तरह का अतिरिक्त शुल्क खत्म हो जाएगा। किराया, लागू शुल्क और अन्य वैध charges अलग विषय हैं। सरकार का मुख्य फोकस ऐसे tipping या add-on mechanisms पर है जो यात्री को अतिरिक्त भुगतान के बदले बेहतर या तेज ride confirmation का संकेत देते हैं।

इसलिए यात्रियों को यह समझना जरूरी है कि “एक्स्ट्रा पैसा नहीं मांग सकेंगी” का अर्थ सभी प्रकार के वैध कैब शुल्क खत्म होना नहीं है। निर्देश का केंद्र pre-ride tipping और misleading payment prompts हैं।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

इस बदलाव से सबसे बड़ा फायदा transparency का हो सकता है। यात्री को कैब बुक करते समय यह महसूस नहीं होना चाहिए कि सामान्य किराए के अलावा कोई अतिरिक्त भुगतान करने पर ही उसकी बुकिंग जल्दी स्वीकार होगी।

इसके अलावा, यात्रा पूरी होने के बाद टिप देने का विकल्प रखने से यात्री सेवा की गुणवत्ता के आधार पर फैसला कर सकता है। इससे tip एक voluntary payment के रूप में बनी रहती है और उसे booking confirmation से जोड़ने की संभावना कम होती है।

सरकार के इस कदम को consumer protection के नजरिए से भी देखा जा रहा है। Motor Vehicle Aggregator Guidelines में यात्रियों की सुरक्षा और ऐप से जुड़े compliance के लिए कई प्रावधान पहले से मौजूद हैं।

कैब कंपनियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

कैब एग्रीगेटर्स के लिए ऐप डिजाइन और payment interface अब केवल सुविधा का विषय नहीं रह गया है। ऐप पर दिखने वाला कोई भी payment prompt ग्राहक के फैसले को प्रभावित कर सकता है। इसलिए कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि tipping या add-on से जुड़े संदेश स्पष्ट, voluntary और नियमों के अनुरूप हों।

सरकार की ओर से जारी प्रावधान यह संकेत देते हैं कि digital mobility platforms पर consumer protection और transparency को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में कैब कंपनियों को अपने ऐप के booking flow, payment options और customer communication की समीक्षा करनी पड़ सकती है।

क्या यात्रियों को अब टिप नहीं देनी होगी?

नहीं। टिप पूरी तरह खत्म नहीं की गई है। नियम के अनुसार यात्री यात्रा पूरी होने के बाद अपनी इच्छा से ड्राइवर को टिप दे सकता है। बदलाव सिर्फ इस बात पर है कि टिप को यात्रा शुरू होने से पहले या booking के दौरान उपलब्ध कराकर उसे ride confirmation या बेहतर service से जोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

ग्राहकों के लिए क्या है बड़ा संदेश?

कैब बुक करते समय यात्रियों को केवल राइड कन्फर्म कराने के लिए अतिरिक्त भुगतान करने के दबाव में नहीं आना चाहिए। यदि ऐप पर कोई ऐसा विकल्प दिखाई देता है जिसमें अतिरिक्त भुगतान को तेज confirmation या driver acceptance से जोड़ा जा रहा है, तो वह सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के उद्देश्य के विपरीत हो सकता है।

सरकार का यह कदम digital cab services में ग्राहक हित, पारदर्शिता और voluntary tipping को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। अब यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया में यह ज्यादा स्पष्ट होना चाहिए कि राइड की पुष्टि सामान्य booking process के आधार पर हो, न कि अतिरिक्त टिप देने के दबाव के आधार पर।

निष्कर्ष: कैब बुकिंग को ज्यादा transparent बनाने के लिए सरकार ने pre-ride tipping और misleading payment prompts पर सख्ती दिखाई है। यात्रियों को यात्रा पूरी होने के बाद ही स्वैच्छिक टिप देने की सुविधा मिलनी चाहिए। इससे कैब बुकिंग के दौरान अनावश्यक भुगतान के दबाव को कम करने और consumer rights को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

Source: Ministry of Road Transport and Highways, Government of India.

External source: Official MoRTH
Internal link: Existing MSME Times Ola/Uber/Rapido article

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